नई दिल्ली, अगस्त 21 -- मेलबर्न की सड़कों पर कॉफी की खुशबू हर तरफ बिखरी रहती है लेकिन इसी शहर के बीचोबीच अब एक ऐसी दुकान भी है जहां भारतीय मसाला चाय की भाप उठती दिखती है। कहानी है बेंगलुरु के एक लड़के की, जिसने बिजनेस पढ़ाई के बीच से ही किताबें बंद कर दीं और चाय के प्याले में अपना भविष्य ढूंढ लिया। यही वजह है कि आज उसकी कंपनी का नाम सुनकर लोग चौंक जाते हैं। उस कंपनी का नाम ड्रॉपआउट चायवाला है। संजीत कोंडा हाउस महज 18 बरस की उम्र में पढ़ाई के इरादे से ऑस्ट्रेलिया पहुंचे थे। ला ट्रोब यूनिवर्सिटी के बुंडूरा कैंपस में बिजनेस स्टडीज की डिग्री लेने का सपना लेकर गए संजीत का मन पांचवें सेमेस्टर तक आते-आते किताबों से उचट चुका था। भीतर कहीं एक जिद पल रही थी, अपना कुछ खड़ा करने की। नतीजा यह हुआ कि उन्होंने कॉलेज को अलविदा कह दिया और उस रास्ते पर चल प...