देवरिया, फरवरी 6 -- देवरिया, निज संवाददाता ग्राहक लोन चुकाने में रूचि नहीं ले रहे हैं। इससे बैंकों का कारोबार प्रभावित हो गया है। आलम यह है कि प्रमुख बैंकों के करीब 17 हजार खाते एनपीए (नॉन परफार्मिंग एसेट) हो गए हैं। इसके चलते बैंकों के डेढ़ अरब से अधिक रूपए फंस गए हैं। कई बार नोटिस देने के बाद भी ग्राहक अपना लोन जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे ग्राहकों के खिलाफ बैंक कार्रवाई करने में जुटे हैं। जिले में सेंट्रल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल और उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक सहित अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों की 2 सौ शाखाएं संचालित हैं। इन शाखाओं पर पैसों के जमा-निकासी के साथ-साथ ग्राहकों को केसीसी और अन्य लोन प्रदान किए जाते हैं। बैंकों के रिकार्ड के अनुसार ग्राहक लोन लेने के बाद उसे जमा करने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। इससे बैंकों का कारोबार प्रभा...