नई दिल्ली, दिसम्बर 14 -- हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है। यह हर महीने की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है और प्रदोष काल में शिव पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि इस व्रत से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, पापों का नाश होता है और भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है। साल 2025 का अंतिम प्रदोष व्रत पौष मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को है। कई लोग 17 या 18 दिसंबर को लेकर कन्फ्यूज हैं, लेकिन सही तिथि जानना जरूरी है। आइए विस्तार से समझते हैं।साल 2025 के अंतिम प्रदोष व्रत की सही तिथि वैदिक पंचांग के अनुसार, पौष मास कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 16 दिसंबर 2025 को रात 11:57 बजे शुरू होकर 18 दिसंबर 2025 को रात 2:32 बजे तक रहेगी। हालांकि, त्रयोदशी तिथि 17 दिसंबर को पूरे दिन और प्रदोष काल में...