रामगढ़, मार्च 31 -- रामगढ़, शहर प्रतिनिधि। गोला पीसीआर कांड के विरोध में आवाज उठाने पर करीब 17 दिनों तक जेल की सलाखों के पीछे रहे जेएलकेएम के मुखर युवा नेता सह केंद्रीय सचिव संतोष महतो, जिलाध्यक्ष देवानंद महतो, शिवनंदन मुंडा और शहबाज अनवर गोल्डी रिहा हुए। इसके बाद रामगढ़ की राजनीति में भारी हलचल देखी जा रही है। जेल से बाहर निकलते ही समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। जिसके बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए संतोष महतो ने सीधे तौर पर प्रशासन और स्थानीय सत्ताधारियों पर तीखा हमला बोला। संतोष महतो ने कहा कि जिस कांड में दो निर्दोष संथाली युवा अजीत हेम्ब्रम और सागर हेम्ब्रम की जान गई थी, उस मामले में न्याय मांगने वालों को ही अपराधी बनाकर जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा जेल की दीवारें सच्चाई और ईमानदारी को कैद नहीं कर सकती है। प्रशासन ने हम पर झूठे ...