बांका, जुलाई 12 -- कटोरिया (बांका), निज प्रतिनिधि। श्रावणी मेला केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा है। महज 16 दिन बाद बिहार के सुल्तानगंज से झारखंड के देवघर तक आस्था का सबसे बड़ा जनसैलाब उमड़ेगा। हर वर्ष लाखों कांवरिये सबसे बड़ी 108 किलोमीटर की धार्मिक यात्रा में शामिल होते हैं। बाबाधाम जाने वाले कांवरियों में एक बड़ी संख्या ऐसे श्रद्धालुओं की होती है जो निजी वाहनों, बसों और अन्य साधनों से देवघर पहुंचते हैं। श्रावणी मेले में पैदल चलने वाले कांवरियों के लिए जहां कच्ची कांवरिया पथ को सुगम बनाया जा रहा है। वहीं हजारों की संख्या में प्रतिदिन गाड़ियों से चलने वाले कांवरियों के लिए पक्की सड़क को दुरुस्त करने की ओर अब तक कोई पहल नहीं हो रही है। जबकि सुल्तानगंज- कटोरिया- देवघर मुख्य मार्ग म...