लखनऊ, जनवरी 30 -- -परियोजनाओं की वित्तीय स्वीकृति प्रक्रिया में होगा व्यापक सुधार -विभागीय मंत्री स्तर से Rs.50 करोड़, वित्त मंत्री Rs.150 करोड़ तक के प्रोजेक्ट की वित्तीय स्वीकृति होगी, इससे ऊपर के लिए मुख्यमंत्री की मंजूरी जरूरी -मुख्यमंत्री का निर्देश, विभागों की वार्षिक कार्ययोजना 15 अप्रैल तक स्वीकृत हो जाए -परियोजना की लागत में 15% से ज्यादा बढ़ोतरी होने पर विभाग का कारण सहित पुनः अनुमोदन लेना होगा अनिवार्य: योगी -सड़क की तरह शासकीय भवनों के अनुरक्षण के लिए भी लागू होगी पांच वर्ष की अनुरक्षण व्यवस्था -आशा व आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय हर माह तय तिथि को मिल जाए, केन्द्रांश की प्रतीक्षा न करें -पूंजीगत खर्च में उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष पर; Rs.1.10 लाख करोड़ का निवेश -नीति आयोग व आरबीआई रिपोर्ट में यूपी की वित्तीय स्थिति में सतत सुधार...