नई दिल्ली, सितम्बर 7 -- कहते हैं कि एक आविष्कार दुनिया बदलने की ताकत रखता है। एक ऐसा ही आविष्कार किया है तमिलनाडु के बेहद कम उम्र के एक बच्चे ने। इनका नाम तेनिथ आदिथ्या है, जिन्होंने एक ऐसी तकनीकी विकसित की है जिसके जरिए केले के पत्ते की उम्र 3 दिन से 3 साल तक बढ़ाई जा सकती है। यानी इस तकीनीक से केले के पत्तों को अब लंबे समय तक इस्तेमाल कर सकते हैं। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में किसी केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता और पत्तियों को संरक्षित करने की लागत भी महज 70 से 75 पैसे बताई गई है। चलिए जानते हैं कि तेनिथ आदिथ्या कौन हैं और कैसे आया ये आइडिया?11 साल की उम्र में आया आइडिया तेनिथ आदिथ्या तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के वाट्रप गांव के रहने वाले हैं। जब वो महज 11 साल के थे, जब उन्होंने देखा कि किसान सूखे केले के पत्तों को जला रहे थे या फिर क...