गया, फरवरी 18 -- आमस की सांवकला पंचायत के महादलित टोला कोलसर में संचालित प्राइमरी स्कूल का अब तक अपना भवन नहीं बन पाया है। सालों पूर्व के बने महिला सामाख्या के एक कमरे में स्कूल किसी तरह चल रहा है, जिसमें दो दर्जन से अधिक बच्चों को बैठकर पढ़ाई करने के साथ कार्यालय और मध्याह्न भोजन की सामग्रियां भी रखी जाती है। किचन नहीं होने के कारण रसोइया को खुले में चूल्हा रख कर बच्चों के लिए खाना बनाना पड़ता है। स्कूल के चारों ओर गंदगी लगी रहती है, जिस वजह बच्चों का खाना में संक्रमण लगने का भय होता है। यहां नामांकित 28 बच्चों पर चार शिक्षक कार्यरत हैं। जिन्हें एक कमरे में अलग अलग वर्गों के बच्चों को बैठाकर एक साथ पढ़ना मुश्किल होता है। ग्रामीणों की माने तो भवन नहीं होने के कारण उपस्थित बच्चों को एक शिक्षक पढ़ाते हैं शेष अपनी बारी के इंतजार में बैठे रहत...
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