बलिया, अगस्त 14 -- रेवती, हिन्दुस्तान संवाद। बागी बलिया के क्रांतिकारियों ने वर्ष 1942 में ही स्वाधीनता को यहां की धरती पर उतार दिया था। जिले के रेवती में 15 अगस्त 1942 को ही अदम्य साहस और बलिदान के दम पर अंग्रेजी सरकार हटाकर क्रांतिकारियों ने अपनी सत्ता कायम कर दस दिनों तक स्वराज्य संचालित किया।रेवती की जनक्रांति के संबंध में सेनानी नंद कुमार की पत्नी जोन्हिया देवी, सेनानी परिवार के वीरेश तिवारी और मूरत पाण्डेय बताते हैं कि नौ से 14 अगस्त के बीच हुए व्यापक जनजागरण ने पूरे इलाके को क्रांति के रंग दिया था। आंदोलन नेतृत्वविहीन हो चुका था। विभिन्न समूहों में बंटकर लोगों ने दलछपरा से पचरुखा के बीच रेल पटरी उखाड़ दी। यह भी पढ़ें- आजादी के मतवाले : मैट्रिक की परीक्षा छोड़ डाकघर में लगा दी आग, थाने पर फहराया तिरंगा सड़क यातायात रोकने के लिए विशाल...