मऊ, अगस्त 14 -- मऊ, संवाददाता। आज आजादी के स्वर्णिम 79 वर्ष पूरे हो गए हैं। 15 अगस्त 1947 को देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराया था, ये तो हम सभी जानते हैं। लेकिन नई पीढ़ी के बहुत कम लोग जानते हैं कि उस सुबह सूरज की पहली किरणों के साथ जब हमारे शहर, कस्बों और गांवों में स्वतंत्रता का संदेश पहुंचा तो वहां का माहौल कैसा था? लोगों ने आजादी का जश्न कैसे मनाया? आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' ने आजादी के दिन के माहौल, जश्न और उत्साह से आपको रूबरू कराने की पहल की है। हमने आजादी का पहला सूरज देखने वाले और तिरंगा लेकर गांव-मोहल्ला, गली-चौराहे पर दौड़ने वाले बुजुर्गों की स्मृतियों को टटोला। 14 अगस्त 1947 की रात अपने पूरे शबाब पर थी। पूरा देश अंग्रेजों से अपनी आधिकारिक स्वतंत्रता का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। घड़ी...