खगडि़या, अगस्त 3 -- खगड़िया । एक प्रतिनिधि जिले में 140वीं जयंती पर राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त श्रद्धापूर्वक याद किए गए। परबत्ता प्रखंड अन्तर्गत पाटलिपुत्र सेंट्रल स्कूल के बच्चों द्वारा भी यह जयंती एक अलग अंदाज में मनाई गई। मैथिलीशरण गुप्त पर एक परिचर्चा आयोजित की गई जिसमें शिक्षकों द्वारा एक विषय रखा गया मैथिलीशरण गुप्त परंपरा और युगधर्म के संयोजक कैसे कहे जा सकते हैं? वही उनकी लिखी हुई रचना यशोधरा का काव्यपाठ भी किया गया। हिन्दी के वरिष्ठ शिक्षक रामविलास ठाकुर द्वार उनकी सुप्रसिद्ध कविता नर हो न निराश करो मन को का गायन रूप में प्रस्तुत किया गया, जो सबके मन को भाया। यह भी पढ़ें- काव्यपाठ से याद किए गए राष्ट्र कवि मैथिलीशरण गुप्त गुप्त को राष्ट्रकवि की उपाधि क्यों मिली इस पर विद्यालय के निदेशक जितेंद्र प्रसाद सिंह द्वारा प्रकाश डाला गया। ...