मिर्जापुर, अगस्त 22 -- मिर्जापुर, संवाददाता। बीएचयू के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर स्थित पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान संकाय ने स्वदेशी गोवंशीय नस्लों के संरक्षण एवं आनुवंशिक सुधार के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वित्तपोषित सहायक प्रजनन तकनीक परियोजना में सातवीं बार मादा बछिया के जन्म की उपलब्धि हासिल की है। इसी क्रम में शुक्रवार को भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक और सेक्स-सॉर्टेड सीमन के उपयोग से एक गंगातीरी सरोगेट गाय ने 24 किलोग्राम वजन की स्वस्थ साहीवाल बछिया को जन्म दिया। उच्च आनुवंशिक क्षमता वाले साहीवाल स्रोत से जन्मी इस बछिया में प्रतिदिन 14-16 लीटर दूध उत्पादन की क्षमता होने का अनुमान है। यह उपलब्धि उन्नत प्रजनन तकनीकों के माध्यम से उच्च आनुवंशिक क्षमता वाले स्वदेशी गोवंश की संख्या बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी ज...