देवघर, सितम्बर 26 -- राज कुमार शर्मा, देवघर। जिस बेटी के लौटने की उम्मीद परिवार ने वर्षों पहले छोड़ दी थी और जिसे मृत मान लिया था। वह 14 साल बाद सकुशल अपने परिवार के बीच पहुंच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार गढ़वा जिले के रमना प्रखंड के चटनिया गांव की रहने वाली एक मानसिक रूप से अस्वस्थ किशोरी को बाल कल्याण समिति देवघर, चेतना विकास और चाइल्ड हेल्पलाइन सहित संबंधित विभागों के लगातार प्रयासों के बाद शुक्रवार को उसके परिजनों को सौंप दिया गया।

किशोरी का भटकना वर्ष 2011 में यह किशोरी भटकते हुए पश्चिम बंगाल के हावड़ा पहुंच गई थी। उस समय उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह अपना नाम-पता या परिवार के बारे में स्पष्ट जानकारी देने में सक्षम नहीं थी। हावड़ा बाल कल्याण समिति ने उसे बाल गृह में रखा और करीब एक वर्ष तक उसकी देखभाल की। किशोरी केवल इतना बता...