हापुड़, जुलाई 11 -- आषाढ़ कृष्णपक्ष अमावस्या 14 जुलाई दिन मंगलवार को भौमवती अमावस्या शास्त्रोक्त है। पंचाग और ज्योतिषशास्त्र के अनुसार अमावस्या तिथि 13 जुलाई दिन सोमवार को शाम 6 बजकर 50 मिनट से प्रारंभ हो रही है जो 14 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 13 मिनट तक है। ज्योतिर्विद सुबोध पाण्डेय ने बताया 14 जुलाई को मंगलवार होने के कारण इसे भौमवती अमावस्या कहेंगे। इस दिन पितृ अमावस्या एवं गंगा स्न्नान, दान और अमावस्या पूजन का विशेष महत्त्व रहता है। ज्योतिर्विद प्रीति पाण्डेय ने बताया कि इस दिन दान करने से पितृ दोष की शांति और पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है। दान को आत्मशुद्धि, करुणा और धार्मिक साधना का हिस्सा माना जाता है। यह भी पढ़ें- Ashadha Amavasya 2026: 13 या 14 जुलाई आषाढ़ अमावस्या कब है? यहां जानें सही तिथि और उपायदान का महत्त्व अमावस्या पर किया ग...