बागपत, मई 21 -- बागपत। जहां एक तरफ ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण का कार्य देशभर में चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ ऐसी दुर्लभतम पांडुलिपि बागपत जनपद के बड़ौत स्थित शहजाद राय शोध संस्थान में संग्रहित हैं। यह यहां के अलावा दुनिया के केवल दो और म्यूजियम में संग्रहित हैं। 14वीं शताब्दी की सोने की स्याही और उत्कृष्ट लघु चित्रों से तैयार यह कल्पसूत्र पांडुलिपि दुर्लभ और अमूल्य ऐतिहासिक कलाकृति है। इस पांडुलिपि में 24 जैन तीर्थंकरों (विशेष रूप से भगवान महावीर) का जीवन और उनके 14 स्वप्नों का वर्णन किया गया है। इसके अलावा इसमे प्रमुख जैन आचार्यों की वंशावली। साधु-साध्वियों के लिए वर्षा ऋतु (चतुर्मास) में आचरण के नियम शामिल हैं। विशेष बात यह है कि इसमे लघु चित्र शैली की 150 पेंटिंग एक ही पांडुलिपि में मौजूद है। इन पांडुलिपियों...