हरदोई, अप्रैल 7 -- हरदोई, संवाददाता। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के तत्वावधान में जिला संयोजक आलोक मिश्रा की अध्यक्षता में एक निजी रेस्टोरेंट में सहयोगी संगठनों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में द्वितीय चरण के आंदोलन के तहत 13 अप्रैल को प्रस्तावित विशाल पैदल मार्च की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। अटेवा के जिलाध्यक्ष जैनुल खान ने कहा कि आरटीई एक्ट 2009 के तहत 23 अगस्त 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों ने उस समय एनसीटीई द्वारा निर्धारित सभी योग्यताएं पूरी की थीं। ऐसे में 20-25 वर्षों की सेवा के बाद उन्हें अपने बच्चों की उम्र के अभ्यर्थियों के साथ परीक्षा देने के लिए बाध्य करना तर्कसंगत नहीं है। बैठक में तय किया गया कि टीईटी अनिवार्यता के विरोध में महासंघ के बैनर तले यह पैदल मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से निकाला जाएगा। इसमें जनपद के हजारों ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.