नई दिल्ली, जून 11 -- दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने करीब 12 साल पुराने मामले में आरोपी पति को बेगुनाह बताया। अदालत ने गौरव आनंद को आपराधिक धमकी, मारपीट, दुष्कर्म के लिए उकसाने व अन्य गंभीर आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रवींद्र कुमार पांडेय की अदालत ने माना कि शिकायतकर्ता महिला के गंभीर आरोप मेडिकल साक्ष्यों की कसौटी पर टिक नहीं पाए। अदालत ने कहा कि घटना के तुरंत बाद तैयार की गई मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) रिपोर्ट में न तो मारपीट के कोई निशान मिले और न ही महिला ने डॉक्टर को ऐसी किसी हिंसा की जानकारी दी, जबकि शिकायत में उसने बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। इस बुनियादी विरोधाभास ने पूरे मामले को संदेहास्पद बना दिया और यही मेडिकल रिपोर्ट आरोपी की बेगुनाही का सबसे मजबूत आधार साबित हुई। यह भी पढ़ें- हम घुट- घुटकर मर जाएंगे; जिमखाना- ...