नई दिल्ली, सितम्बर 2 -- एम्स दिल्ली में इलाज में कथित देरी की वजह से एक बच्ची की जान चली गई। 16 साल की तनवी की मौत के मामले में उसके पिता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। बच्ची के पिता मुकेश परियानी का कहना है कि मैं अपनी बेटी के इलाज के लिए एम्स दिल्ली आया था। मैं पहली बार 10 अक्टूबर 2012 को ओपीडी गया था। उसके बाद मैं रूम नंबर 14 में गया। वहां से मुझे रूम नंबर 18 में भेजा गया। डॉ. कोठारी ने कुछ शुरुआती टेस्ट और जांच की। इस प्रक्रिया में लगभग एक साल लग गया। फिर, मुझे रूम नंबर 4 में डॉ. सचिन तलवार के पास भेजा गया। डॉ. सचिन तलवार ने मुझे पैसे और खून जमा करने के लिए कहा और भरोसा दिलाया कि वे ऑपरेशन करेंगे। मैंने 4 अप्रैल 2014 को खून और पैसे जमा कर दिए। बच्ची के पिता ने कहा कि ओपीडी विजिट के बाद मुझे ऑपरेशन के लिए एक तारीख दी गई। जब मैं 2 सितंबर 2015 ...