प्रयागराज, जुलाई 28 -- प्रयागराज। भगवान शिव की उपासना के लिए सावन मास श्रेष्ठ मास के रूप में जाना जाता है। मास का शुभारंभ 30 जुलाई को सूर्योदय के साथ ही हो जाएगा। इस बार पूरे मास योग व संयोगों की स्थिति बहुत श्रेष्ठ बन रही है। उत्थान ज्योतिष एवं आध्यात्म संस्थान के निदेशक पं. दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि 12 वर्षों के बाद देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में अपनी उच्च स्थिति में विद्यमान रहेंगे। सूर्य कर्क राशि में 17 अगस्त तक गोचर करते रहेंगे। इसकी वजह से गुरु आदित्य नामक योग का निर्माण होगा। जो भगवान शिव के साधकों के जीवन में पुण्य लाभ का श्रेष्ठ कारक बनेगा। यह भी पढ़ें- सावन का पहला दिन कितना शुभ? जानें पंडित जी से शिव पूजन और जलाभिषेक का उत्तम समय मास का समापन 28 अगस्त को होगा और सावन मास में चार सोमवार पड़ रहे हैं। निदेशक ने बताया...