नई दिल्ली, जून 10 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा साल 2011 में जितेंद्र वर्मा का लाइसेंस सस्पेंड करने के आदेश को पूरी तरह रद्द कर दिया है। अदालत ने पाया कि बिना किसी जांच, बिना कारण बताओ नोटिस और बिना किसी सबूत के एक शानदार करियर वाले पायलट की जिंदगी को पूरी तरह तबाह कर दिया गया। 61 साल के पायलट जितेंद्र कृष्ण वर्मा ने इस जीत पर खुशी का इजहार करते हुए कहा, "एविएशन और उड़ना मेरे खून में है। मैं फिर से उड़ान भरना चाहता हूं और अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करना चाहता हूं।'' साल 2011 में जितेंद्र कृष्ण वर्मा की उम्र 46 साल थी। वह अपने करियर के शीर्ष पर थे और उस समय एयर इंडिया के बेड़े में शामिल सभी तीनों तरह के विमानों को उड़ाने वाले गिने-चुने पायलटों में से एक थे। उनका 22 साल का...