नई दिल्ली, जून 26 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। केंद्र सरकार ने आयातित दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने और उनकी बर्बादी कम करने के उद्देश्य से बड़ा बदलाव करने की तैयारी की है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने दवा नियम, 1945 के नियम 31 में संशोधन का मसौदा जारी किया है। प्रस्तावित बदलाव के तहत अब केवल उन्हीं दवाओं को भारत में आयात की अनुमति मिलेगी, जिनकी शेल्फ लाइफ देश में प्रवेश के समय कम से कम 12 महीने शेष होगी। मंत्रालय ने इस मसौदे पर दवा कंपनियों, विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा नियम के तहत किसी दवा के आयात के लिए उसकी कुल शेल्फ लाइफ का कम से कम 60 प्रतिशत हिस्सा बचा होना जरूरी है यानी यदि किसी दवा की कुल शेल्फ लाइफ पांच वर्ष है, तो उसके भारत पहुंचने के समय कम से कम ...