नई दिल्ली, जुलाई 12 -- आज यानी 12 जुलाई को भगवान शिव की पूजा करने वालों के लिए खास दिन है। इस बार एक ही दिन रवि प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का संयोग बना है। आमतौर पर दोनों पर्व अलग-अलग तिथियों पर आते हैं, लेकिन इस बार पंचांग में तिथियों के समय की वजह से दोनों का योग एक ही दिन बन गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। इस बार रविवार को दिन में त्रयोदशी तिथि होने की वजह से रवि प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। वहीं, शाम के बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो रही है। इसी कारण मासिक शिवरात्रि भी आज ही मनाई जा रही है। यही वजह है कि दोनों पर्व एक ही दिन पड़ रहे हैं।क्या है रवि प्रदोष व्रत का महत्व प्रदोष व्रत हर महीने त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। जब यह रविवार को पड़ता है तो इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाता है। मान्यता है क...