लखनऊ, फरवरी 5 -- बिजली कर्मियों के 12 फरवरी के देशव्यापी आंदोलन को लेकर प्रदेश में संघर्ष समिति, संयुक्त किसान मोर्चा और सेंट्रल ट्रेड यूनियनों का संयुक्त अभियान तेज हो गया है। बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल लाए जाने पर देशव्यापी लाइटनिंग एक्शन की चेतावनी दी गई है। संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया है कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों का नहीं, बल्कि किसानों, श्रमिकों और आम उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा का साझा संघर्ष है। संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वे व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के निर्णय को तत्काल निरस्त करने की कृपा करें। यदि निजीकरण का निर्णय वापस लिया जाता है तो बिजली कर्मी पूरी क्षमता और समर्पण के साथ प्रदेश की विद्य...