नई दिल्ली, जून 19 -- जब झुंझुनूं के सिंघाना की रहने वाली 15 साल की वो मासूम अपनी मां का हाथ पकड़कर जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के कॉरिडोर से गुजर रही थी, तो उसकी सांसें फूली हुई थीं। वो अपनी उम्र की बाकी लड़कियों की तरह चहक नहीं रही थी, बल्कि उसके कदमों में एक अजीब सा भारीपन था। उसका पेट इस कदर फूला हुआ था जैसे कोई गंभीर बीमारी उसे भीतर ही भीतर निगल रही हो। पिछले कई महीनों से न वो ढंग से खा पा रही थी, न सो पा रही थी। हर दिन उसका उठना-बैठना भी एक सजा बनता जा रहा था। उसे और उसके गरीब परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि उस नन्हीं सी जान के पेट में कोई मामूली सूजन नहीं, बल्कि मौत बनकर पनप रहा 12 किलोग्राम का एक विशाल ट्यूमर था। लेकिन आज, SMS अस्पताल के सर्जरी विभाग के डॉक्टरों की काबिलियत और एक मां की दुआओं ने मिलकर उस बच्ची को एक नया जीवन...