गुड़गांव, जनवरी 24 -- गुरुग्राम, वरिष्ठ संवाददाता। हरियाणा के आबकारी एवं कराधान विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गुरुग्राम में अब तक की सबसे बड़ी अवैध विदेशी शराब की खेप पकड़े जाने के मामले में, विभाग के मुख्यालय ने ठेकेदार पर कार्रवाई करने के बजाय मौन साध लिया है। गुरुग्राम टीम द्वारा 12 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना प्रस्तावित कर फाइल मुख्यालय भेजे हुए एक माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन ठेकेदार के खिलाफ अब तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है। बता दें कि मामले की शुरुआत 9 दिसंबर को हुई थी, जब आबकारी विभाग की विशेष टीम ने एक शराब कारोबारी की शिकायत पर सिग्नेचर टावर स्थित दी ठेका पर अचानक दबिश दी थी। इस छापेमारी के दौरान टीम के होश उड़ गए जब वहां से 38,000 बोतलें ऐसी मिलीं, जो बिना होलोग्राम और बिना ड्...
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