12 अगस्त को सावन अमावस्या, जानें पितर तर्पण विधि और उपाय
नई दिल्ली, अगस्त 9 -- 12 August ko Sawan Amavasya, सावन अमावस्या 2026 : सावन की अमावस्या को हरियाली अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। इस साल श्रावण मास की कृष्ण अमावस्या तिथि 12 अगस्त के दिन रात में 01:52 मिनट से शुरू हो रही है, जिसका समापन इसी दिन रात में 11:06 मिनट पर होगा। उदया तिथि में अमावस्या का व्रत पूजन 12 अगस्त के दिन किया जाएगा। सावन की अमावस्या को पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य के लिए विशेष माना गया है। सावन मास की अमावस्या होने के कारण इस दिन पितृ पूजन के साथ भगवान शिव की आराधना का भी विशेष महत्व रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण और दान करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं सावन की अमावस्या पर पितृ तर्पण की विधि, इस दिन क्या उपाय करें -12 अगस्त को सावन अमावस्या, ...
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