कौशाम्बी, मई 15 -- महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें समूहों से जोड़ा जा रहा है। महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार दिलाने में इन समूहों की महिलाओं की बड़ी भूमिका है। इसके बावजूद इनकी फिक्र किसी को नहीं है। एक साल से न तो इनको मानदेय मिला है, न ही इनको पारिश्रमिक दिया जा रहा है। इससे अब महिलाओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जिले के आठों ब्लाकों में 498 समूह सखियां हैं। 323 कृषि आजीसिका सखी, 185 स्वास्थ्य सख्ी, 110 बैंक सखी हैं। सबके कार्य अलग-अलग हैं। यह अपना काम करती चली आ रही हैं। एक साल से इनको मानदेय नहीं मिला है। कईयों को केवल पारिश्रमिक ही मिलात है, लेकिन वह भी नहीं दिया जा रहा है। जब कभी यह मानदेय अथवा पारिश्रमिक की मांग करती हैं तो यही कहा जाता है कि मांग पत्र भेजा गया है, जबकि उन्हें भुगतान किया जाएगा। एक साल बीत जाने पर अब मह...