नई दिल्ली, अक्टूबर 27 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) और खुदरा विक्रेताओं/डीलर को मिलने वाली कीमत (पीटीआर) के बीच भारी अंतर को एक बार फिर से लूट और डकैती करार दिया। शीर्ष अदालत ने दवाओं की एमआरपी और पीटीआर के बीच भारी अंतर को नियंत्रित करने में विफल रहने पर केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए सवाल किया कि 'क्या आप इस लूट को सही ठहरा सकते हैं?' न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कैंसर की दवाओं पर 1000 फीसदी तक मार्जिन लगाने के लिए निजी अस्पतालों के साथ-साथ सरकार को भी फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने कहा दवा डीलर ने अस्पताल प्रशासन से कहा, मैं खुद एक दवा डीलर हूं और मुझे यह (कीमोथेरेपी) इंजेक्शन 11,000 रुपये (डीलर मूल्य/पीटीआर) में मिलता है। लेकिन अस्पताल ने वह इंजेक्शन लगाने से इनकार कर दिया और ...