कन्नौज, जून 3 -- जलालाबाद। जलालाबाद और तालग्राम क्षेत्र में भूजल संकट कम करने तथा किसानों को सस्ती सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई बेवर-जलालाबाद नहर परियोजना एक दशक बाद भी अधूरी उम्मीद बनी हुई है। करीब 161.35 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुई यह महत्वाकांक्षी योजना अब तक किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंचा सकी है। नतीजतन क्षेत्र के किसान आज भी सिंचाई के लिए ट्यूबवेल और सबमर्सिबल पंपों पर निर्भर हैं। अक्टूबर 2015 में शुरू हुई इस परियोजना के तहत लगभग 26.700 किलोमीटर लंबी नहर, 140 पुल-पुलियों और सात माइनरों का निर्माण कराया गया। इसके अलावा 16.890 किलोमीटर लंबे निगोह रजवाहे का चौड़ीकरण और विस्तारीकरण भी किया गया। योजना का उद्देश्य जलालाबाद और तालग्राम क्षेत्र के भूजल दोहन को कम कर किसानों को स्थायी सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध क...