जमशेदपुर, सितम्बर 25 -- मरीन ड्राइव पर हुए हादसे को देखकर पता चलता है कि कार की रफ्तार काफी तेज थी। जिस तरह हादसा हुआ और कार के साथ शव टुकड़ों में बंट गए, उससे रफ्तार का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार बता रहे हैं। मरीन ड्राइव में भी लोगों ने कार को कई बार तेज गति से जाते देखा था। ऑटो मोबाइल विशेषज्ञ अजकार अली ने बताया कि जिस तरह कार क्षतिग्रस्त हुई है, उससे हादसे के समय उसकी रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रही होगी। तेज रफ्तार के कारण ही हादसे के वक्त एयर बैग से बलून तो निकला, पर फट गया। ऐसा दो ही स्थिति में होता है। या तो गंभीर हादसा हो या किसी बहुत भारी या नुकीली चीज़ से तेज़ रफ्तार में गाड़ी टकराई हो।एयरबैग खुला लेकिन... टक्कर के अत्यधिक दबाव या गाड़ी के टूटे हुए हिस्सों जैस...