किशनगंज, अप्रैल 5 -- किशनगंज। संवाददाता टीबी (क्षय रोग) आज भी एक गंभीर संक्रामक बीमारी के रूप में समाज के लिए चुनौती बनी हुई है, जो न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को कमजोर करती है बल्कि परिवार और समुदाय के स्तर पर भी आर्थिक एवं सामाजिक प्रभाव छोड़ती है। समय पर पहचान और पूर्ण उपचार के अभाव में यह बीमारी तेजी से फैल सकती है, जिससे मृत्यु दर तक बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में टीबी की रोकथाम, शीघ्र पहचान और प्रभावी उपचार अत्यंत आवश्यक हो जाता है। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए जिले में 100 दिवसीय विशेष टीबी उन्मूलन अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान, जांच की सुलभता और उन्हें पूर्ण उपचार से जोड़कर संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना है।चिन्हित गांव बने अभियान का केंद्र, हर घर तक पहुंचने का...