बिहारशरीफ, अगस्त 7 -- हिन्दुस्तान पड़ताल : 04 10 साल में लगे 60 लाख से अधिक पौधे, फिर भी वन क्षेत्र 2.65 फीसद पर अटका देखभाल के अभाव में सूख गए 40 फीसदी पौधे, मरे हुए पौधों की जगह दोबारा रोपाई की नहीं हुई पहल निजी जमीन पर 90 फीसदी पौधे सुरक्षित, सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा घेरा न होने से मवेशी बन रहे दुश्मन 200 पौधों की पांच साल सिंचाई के लिए चापाकल लगाने का बजट महज 19 हजार रुपये फोटो: हरियाली: राजगीर के पहाड़ पर हरियाली। बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में हरियाली की चादर बिछाने और वन क्षेत्र को राज्य के लक्ष्य (17 फीसदी) तक ले जाने का सरकारी दावा जमीन पर दम तोड़ता दिख रहा है। पिछले दस सालों के आंकड़ों की पड़ताल करें, तो वन विभाग, मनरेगा, जीविका और कृषि उद्यानिकी के जरिए नालंदा में 60 लाख से अधिक पौधे रोपे गए। लेकिन, धरातल की सच्चाई...