नई दिल्ली, मई 12 -- क्या कोई 10 तक सॉफ्टवेयर में खराबी का बहाना बनाकर पीएफ का पैसा लटकाए रह सकता है? मामला चंडीगढ़ का है। एक कर्मचारी ने सितंबर 2010 में कर्मचारी पुराने पीएफ खाते की रकम नए खाते में ट्रांसफर करने के लिए अप्लाई किया, लेकिन उसका फंड ट्रांसफर नहीं किया गया। थक हारकर कर्मचारी ने उपभोक्ता आयोग का सहारा लिया। आयोग ने ईपीएफओ पर 50,000 रुपये का हर्जाना लगाया और मुकदमे का खर्च भी देने का आदेश दिया। द इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) लगभग एक दशक की देरी के लिए सॉफ्टवेयर में खराबी को बहाना नहीं बना सकता।क्या था मामला श्री गर्ग पुणे की कंपनी टेक महिंद्रा में काम करते थे। फरवरी 2009 में उन्होंने कंपनी छोड़ दी और जुलाई 2010 में इं...