हमीरपुर, मार्च 14 -- हमीरपुर, संवाददाता। जुलाई 2016 में प्रदेश में मौरंग खनन को लेकर हाईकोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश के दस साल पूरे होने के बावजूद जांच की तहां अटकी हुई है। सीबीआई की टीम ने इस बहुचर्चित खनन घोटाले की जांच को लेकर जनपद में इस अवधि में कम से कम 10 बार डेरा डाला। कई बार छापेमारी हुई। नामजद आरोपियों, उनके पार्टनरों से लेकर अधिकारियों और खदानों के कर्मचारियों तक से लंबी पूछताछ की गई। हालांकि अभी तक इस बहुचर्चित घोटाले को लेकर क्या कार्रवाई चल रही है, इसका पता नहीं है। अब पड़ोसी जिलों में मौरंग खनन से जुड़े कारोबारियों के विरुद्ध आईटी और ईडी की छापेमारी के बाद से यहां का माहौल भी गरमाने लगा है। जुलाई 2012 के बाद जिले में 62 मौरंग के खनन के पट्टे हुए थे। ई-टेंडर के जरिए मौरंग के पट्टे देने का प्रावधान था। लेकिन सारे प्रावधानों की ...
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