सतना, जनवरी 12 -- एमपी के सतना जिले में आवारा कुत्तों का आतंक अब 'इमरजेंसी' जैसे हालात पैदा कर रहा है। शहर की गलियों से लेकर गांव की पगडंडियों तक, कुत्तों की दहशत ऐसी है कि लोग अकेले निकलने से कतराने लगे हैं। जिला अस्पताल के आंकड़े इस खौफनाक स्थिति की तस्दीक कर रहे हैं। साल 2026 की शुरुआत के महज 10 दिनों में ही जिला अस्पताल में 1104 एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं। यानी औसतन हर दिन 100 से ज्यादा लोग अस्पताल की दहलीज पर रेबीज से बचने की उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं।370 नए केस ने बढ़ाई चिंता जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. शरद दुबे ने बताया कि 1 जनवरी से 10 जनवरी के बीच 370 नए मरीज ऐसे आए हैं, जिन्हें पहली बार कुत्ते ने काटा है। इसका सीधा मतलब है कि जिले में हर रोज औसतन 37 लोग कुत्तों का शिकार बन रहे हैं। अगर पुराने फॉलो-अप (दूसरा और तीसरा डोज)...