बदायूं, अगस्त 5 -- बदायूं। जिले की मृदा लगातार अपनी उर्वरता खो रही है और इसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ रहा है। कृषि विभाग द्वारा जिले के 15 ब्लॉक से एकत्र किए गये 6,857 मृदा नमूनों के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ कि जिले के लगभग 3.15 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में से करीब 1.90 लाख हेक्टेयर (लगभग 60 प्रतिशत) भूमि में किसी न किसी पोषक तत्व की कमी है। मृदा विश्लेषण के अनुसार जिले की 65 प्रतिशत मिट्टी में जैविक कार्बन केवल 0.30-0.50 प्रतिशत पाया गया, जबकि अच्छी उत्पादकता के लिये इसका स्तर 0.75 प्रतिशत या उससे अधिक होना चाहिये। जिले के 70 प्रतिशत खेतों में जिंक, 55 प्रतिशत में नाइट्रोजन एवं 50 प्रतिशत में आयरन की कमी दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त 60 प्रतिशत क्षेत्र की मिट्टी का पीएच 7.8 से 8.5 के बीच पाया गया, जो मिट्टी के क्षारीय होने का संकेत है औ...