जबलपुर, अप्रैल 11 -- मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में एक पत्नी को राहत देने से इनकार कर दिया। इस पत्नी ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत उसकी अंतरिम भरण-पोषण की अर्जी को खारिज कर दिया गया था।उसकी आय पति की आय के बराबर लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने टिप्पणी की कि पत्नी की यह मांग पति से जबरदस्ती पैसे ऐंठने की एक कोशिश के अलावा और कुछ नहीं थी, जिसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने यह आदेश देते हुए इस बात का भी जिक्र किया कि पत्नी पर किसी बच्चे के भरण-पोषण की जिम्मेदारी नहीं थी और वह खुद भी हर महीने लगभग 1.25 लाख रुपए कमाती थी। उसकी आय उसके पति की आय के लगभग बराबर ही थी। यह भी पढ़ें- राइट टू एज...