धार, नवम्बर 27 -- मध्य प्रदेश के धार जिले के लबाड़िया क्षेत्र में लोकायुक्त की टीम ने एक प्रबंधक पर की गई कार्रवाई में करोड़ों की बेनामी और संदिग्ध संपत्तियों का खुलासा किया है। लोकायुक्त के अनुसार, यह मामला "डिसप्रोपोर्शनट एसेट्स" यानी आय से अधिक संपत्ति का क्लासिक उदाहरण है, जहाँ आरोपी की वैध कमाई की तुलना में कई गुना अधिक संपत्ति हाथ लगी है।4.6 करोड़ की चल-अचल संपत्ति जब्त लोकायुक्त टीमों ने छापे के दौरान लगभग 4.5 करोड़ से 4.69 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियां जब्त की हैं। वहीं, जांच में सामने आया कि आरोपी राजू मारू ने 1984 में महज़ 300 रुपये महीने की तनख्वाह पर सेल्समैन के रूप में नौकरी शुरू की थी। करीब तीन दशक की सेवा में उनकी कुल सैलरी लगभग 80 लाख रुपये बैठती है। इसके अलावा, कृषि और पैतृक आय को मिलाकर उनकी कुल वैध कमाई करीब 1....