मुजफ्फरपुर, अप्रैल 18 -- बिहार में हुए पिछले पंचायत चुनाव में धांधली के दोषी मुजफ्फरपुर के मुरौल प्रखंड के बीडीओ को बचाने में अधिकारियों की लापरवाही पर ग्रामीण विकास विभाग ने गहरी नाराजगी जताई है। मुरौल की तत्कालीन बीडीओ चंद्रकांता को राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान में गड़बड़ी कराने का आरोपी बताया था। उनके खिलाफ नोटिस जारी करते हुए आरोप पत्र दाखिल करने का आदेश दिया था। लेकिन, अधिकारियों ने बीडीओ के खिलाफ आरोप पत्र करीब साढ़े तीन साल रोके रखा और उनकी सेवानिवृत्ति के ठीक दो दिन पहले आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने अब देरी के लिए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया है। वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में मुरौल में मतदान में गड़बडी की शिकायत चुनाव आयोग से की गई थी। आयोग ने जांच के बाद शिकायत को सही पाते हुए तत्काल...