नई दिल्ली, जुलाई 10 -- ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, शादी, सुख-सुविधा और रिश्तों का कारक ग्रह माना जाता है। वहीं केतु को ऐसा ग्रह माना जाता है जो अचानक बदलाव और उलझन ला सकता है। इस समय शुक्र और केतु एक साथ हैं और यह स्थिति 1 अगस्त तक बनी रहेगी। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि यह युति बहुत अच्छे संकेत नहीं देती है। इसका असर सबसे ज्यादा प्रेम संबंध, शादीशुदा जीवन और सेहत पर पड़ सकता है।शादीशुदा जीवन में बढ़ सकती है खटास पंडित नरेंद्र उपाध्याय के मुताबिक, शुक्र और केतु की युति पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव बढ़ा सकती है। छोटी-छोटी बातों पर बहस हो सकती है और एक-दूसरे को समझने में दिक्कत आ सकती है। अगर पहले से मतभेद चल रहे हैं तो उन्हें बातचीत से सुलझाने की कोशिश करें। गुस्से में लिया गया फैसला नुकसान पहुंचा सकता है।प्रेम संबंधो...