हापुड़, सितम्बर 30 -- पितरों की प्रसन्नता के लिए महालय पक्ष में चल रहे तर्पण और श्राद्ध के उपलक्ष्य में पंचमी और षष्ठी तिथि का श्राद्ध एक अक्टूबर को किया जाएगा। श्राद्ध की तिथि को लेकर चल रहे संशय को दूर करते हुए भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा के अध्यक्ष ज्योतिर्विद पंडित केसी पाण्डेय ने बताया कि श्राद्ध हमेशा मध्यान्ह अथवा अपराह्न काल में प्राप्त होने वाली तिथि में ही किया जाना उचित माना गया है। उन्होंने बताया कि पंचमी तिथि 30 सितंबर को दोपहर 2:55 बजे से शुरू होकर एक अक्टूबर को दोपहर 12:35 बजे तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि एक अक्टूबर को दोपहर 12:35 बजे से शुरू होकर दो अक्टूबर की सुबह 10:15 बजे समाप्त होगी। इसलिए एक अक्टूबर को मध्यान्ह में पंचमी तिथि प्राप्त होने के कारण दोपहर 12:35 बजे तक पंचमी का श्राद्ध किया जाएगा। इसके बाद अपराह्न में...