... बनाकर रक्त को स्याही, लिखें हैं इतिहास हमने
बिजनौर, सितम्बर 6 -- शिक्षक कवि साहित्यिक संस्था द्वारा शिक्षक दिवस एवं हिंदी पखवाड़े के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। रविवार को आदर्श नगर स्थित कुमुद कुमार के आवास पर काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम की शुरुआत की। आचार्य रवि शास्त्री ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
गोष्ठी में प्रस्तुत रचनाएँ डॉ. बेगराज यादव ने अपनी रचना प्रस्तुत की सूरत से सीरत भी मेल खानी चाहिए, फूल सुंदर है, पर खुश्बूदार नहीं है। आशुतोष कुमार ने शिक्षक और विद्यार्थी के संबंधों पर कहा एक विद्यार्थी अपने लक्ष्य के लिए, अपने जीवन को दांव पर लगाकर अपने कर्तव्य को मन में रखकर, अपने जीवन को संघर्ष पर लगा देता है। आचार्य रवि शास्त्री ने कहा शिक्षक लेखनी बने तपस्या, मेरी वाणी बने वंदना/मेरे शिक्षण...
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