...हवा के काफिले किस को बता के चलते हैं
लखनऊ, मार्च 30 -- उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी की ओर से सोमवार को अकादमी सभागार में अखिल भारतीय मुशायरे और कवि सम्मेलन की शाम सजी। जहां नामी रचनाकारों ने एक से बढ़कर कलाम पेश किए। अध्यक्षता आईएएस डा. हरिओम ने की।कवि सम्मेलन में पंकज प्रसून ने अब तो लुगाई से कहीं बेहतर है एआई, जाने क्या गुल खिलायेगी इक्कीसवीं सदी से लोगों को सचेत करने के साथ मुस्कान दी। शायर शाहबाज तालिब ने तेरे ख्याल को रहबर बना के चलते हैं , इसी लिए तो सर अपना उठा के चलते हैं, सब अपने अपने चरागों का खुद खयाल रखें , हवा के काफिले किस को बता के चलते हैं, फैज खुमार बाराबंकवी ने ये देखना है किस घड़ी दफनाया जाऊंगा , मुझ को मरे हुए तो कई साल हो गये कलाम से सुनने वालों की दाद हासिल की। इसके साथ ही शायर वसीम नादिर ने सब अपने हादसों पे शेर कहना चाहते है मैं शेर कहता था और हादसा बनाता...
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