लखनऊ, जनवरी 30 -- यूपी प्रेस क्लब व उप्र साहित्य सभा की ओर से साहित्यिक समारोह सृजन का आयोजन प्रेस क्लब में हुआ। समारोह में रचनाकारों ने गणतंत्र दिवस पर आधारित रचनाएं सुनाईं। अध्यक्षता सच्चिदानन्द शलभ ने की। सृजन के संस्थापक सर्वेश अस्थाना ने कहा कि गणतंत्र का अर्थ समानता है दीवार नहीं, साहित्यकार को समानता का साम्राज्य स्थापित करना है। डॉ. रुद्रमणि ने देवभूमि भारत का गौरव गान सुनाने आया हूं, धूमिल जो आदर्श पड़े हैं, याद दिलाने आया हूं, रचना का पाठ कर तालियां अर्जित कीं। योगी योगेश ने जन-जन में देश के हित, मधु मंत्र जिंदा है, कारण यही कि अब तक गणतंत्र जिंदा है, रचना का पाठ किया। समारोह में रत्ना बापले, प्रो जहां आरा, रेनू वर्मा, शकुंतला श्री, दीपिका, पूजा श्रीवास्तव, सीमा मिश्रा, वर्षा श्रीवास्तव, अजिता गुप्ता, प्रो बलवंत सिंह, सुभाष रसिया...