नई दिल्ली, जुलाई 27 -- उत्तर प्रदेश सरकार ने 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट किया कि नियुक्त हो चुके किसी भी शिक्षक की नौकरी नहीं जाएगी। शीर्ष अदालत में प्रदेश सरकार ने इस बारे में हलफनामा दाखिल किया है। इसमें कहा गया कि 2020 में नियुक्त हो चुके 67 हजार 867 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति पर किसी तरह का कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जस्टिस दीपांकर दत्ता और शील नागू की पीठ के समक्ष दाखिल हलफनामे में सरकार ने कहा कि यदि हाईकोर्ट के 13 अगस्त 2024 के फैसले के मुताबिक तैयार की गई मेधा सूची में नए उम्मीदवार योग्य पाए जाते हैं तो उन्हें मौजूदा खाली पदों पर नियुक्त किया जाएगा। हालांकि सरकार ने यह कवायद सिर्फ 69 हजार शिक्षकों की नियुक्ति मामले तक सीमित रहेगा और भविष्य में होने वाले किसी भर्ती में इसका कोई लाभ नहीं द...