नई दिल्ली, जून 16 -- दिल्ली NCR की तस्वीर बीते तीन दशकों में इतनी तेजी से बदली है कि 1986 का इलाका और आज का NCR दो अलग-अलग दुनिया जैसे लगते हैं। जहां कभी खेत, जंगल और खुले मैदान हुआ करते थे, वहां आज ऊंची-ऊंची इमारतें, एक्सप्रेसवे, टाउनशिप और इंडस्ट्रियल इलाके नजर आते हैं। हाल ही में सामने आए भूमि उपयोग (Land Use) के आंकड़े बताते हैं कि 1986 से 2016 के बीच NCR में शहरीकरण की रफ्तार ने कुदरती इलाकों पर गहरा असर डाला है।30 साल में कंक्रीट के जंगलों में 362 फीसदी बढ़ोतरी नेशनल केपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे बड़ा बदलाव निर्मित क्षेत्र (Built-up Area) में देखने को मिला। 1986 में NCR का केवल 677.48 वर्ग किलोमीटर हिस्सा ही निर्माण वाले क्षेत्र में आता था। 2016 तक यह बढ़कर 3129.72 वर्ग किलोमीटर पहुंच गया। यानी 30 साल में नि...