नई दिल्ली, मई 3 -- भारत ने लिपुलेख दर्रे के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा पर नेपाल की आपत्ति को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रविवार को इस बारे में नेपाल की टिप्पणियों पर मीडिया के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'इस मामले में भारत का रुख हमेशा स्पष्ट और एक जैसा रहा है। लिपुलेख दर्रा 1954 से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पारंपरिक मार्ग रहा है और इस रास्ते से यात्रा दशकों से जारी है। यह कोई नई बात नहीं है।' यह भी पढ़ें- बंगाल में ममता बनर्जी जीतेंगी, लेकिन... नतीजों से पहले थरूर की क्या भविष्यवाणी रणधीर जायसवाल ने कहा, 'जहां तक क्षेत्रीय दावों का सवाल है, भारत लगातार यह कहता रहा है कि ऐसे दावे न तो उचित हैं और न ही ऐतिहासिक तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित हैं। इस तरह के एकतरफा दावों का विस्तार स्वीकार्य नहीं ...
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