----लाख रुकावट आए फिर भी आगे जाना सीख गई
सहारनपुर, अप्रैल 21 -- देवबंद, संवाददाता। नगर में स्टेट हाइवे स्थित सभागार में आयोजित अखिल भारतीय कवयित्री सम्मेलन में कवयित्रियों ने सुंदर काव्य पाठ कर श्रोताओं का आर्शीवाद लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ पल्लवी त्रिपाठी की सरस्वती वंदना से हुआ। उन्नाव से आई कवयित्री मीनाक्षी दिनेश ने अपनी कविता प्रस्तुत करते हुए कहा कि माथे पे आएं बूंदें तो आंचल में बांध लूं, आंसू तुम्हारे अपने मैं काजल में बांध लू। सूरत से आई सोनल जैन ने पढ़ा कि मुझे अरमान कहते है मेरे अभिमान जैसे है, मिले बदले में पुण्यों के, उसी वरदान जैसे है। नोएडा से आई पल्लवी त्रिपाठी ने पढ़ा कि अल्हड़ चंचल मन लिखते हैं, आंसू पीर सघन लिखते हैं। दिल्ली की रजनी सिंह अवनि के इस काव्य पाठ, कल तक घर के भीतर थी अब कदम बढ़ाना सीख गई, लाख रुकावट आए फिर भी आगे जाना सीख गई, ने श्रोताओं की जमकर दाद ब...
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