'होमो सेपियंस' के धरती पर बचे रहने की वजह खोजी जाएगी
वाराणसी, सितम्बर 2 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। मानव विकास अध्ययन (ह्यूमन इवॉल्यूशन) के क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े रिसर्च का रोडमैप बनकर तैयार हो गया है। ऑस्ट्रेलिया की ग्रिफ Griffith यूनिवर्सिटी की अगुवाई में जनवरी-27 से शुरू होने वाले इस रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए पिछले सप्ताह ऑस्ट्रेलिया में तीन दिन की कार्यशाला हुई। प्रोजेक्ट इस तथ्य की छानबीन करेगा कि धरती पर आखिरकार मानव की एकमात्र प्रजाति के रूप में 'होमो सेपियंस' की कैसे बचे रह गए। सात साल चलने वाली इस परियोजना की लागत 85 मिलियन डॉलर (लगभग 800 करोड़ रुपये) है। कुल 40 देशों के संयुक्त रिसर्च वाली इस परियोजना की कोर कमेटी में आठ देश शामिल हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत, चीन, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, केन्या, सऊदी अरब, श्रीलंका आदि हैं। परियोजना की कोर कमेटी में पार्टनर इन्व...
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