नई दिल्ली, फरवरी 6 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज को फटकार लगाते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद लोकप्रियता के लिए न्यायिक मंच का इस्तेमाल नहीं करें। अदालत ने पार्टी द्वारा दाखिल याचिका पर विचार करने से इनकार दिया। पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव रद्द करने और राज्य में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस दौरान जन सुराज से कई तीखे सवाल किए। सीजेआई ने पूछा कि चुनाव में आपको (जन सुराज) को कितने वोट मिले? जब लोग आपको नकार देते हैं, तो आप राहत पाने के लिए न्यायिक मंच का सहारा लेते हैं। किसी को तो उसी समय उस योजना को चुनौती देनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया। लेकिन आप तो राज्य के चुनाव को अमान्य घोषित करने के लिए...